September 17, 2026


छत्तीसगढ़ पशुधन विकास एवं प्रजनन नीति 2026 के निर्धारण के लिए हितधारक कार्यशाला आयोजित

रायपुर : छत्तीसगढ़ में पशुधन विकास एवं प्रजनन नीति 2026 के निर्धारण और रूपरेखा तैयार करने के संबंध में 16 सितंबर को राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में एक महत्वपूर्ण हितधारक कार्यशाला संपन्न हुई। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वर्तमान परिस्थितियों और डेयरी क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य की मौजूदा प्रजनन नीति के प्रावधानों की समीक्षा करना तथा विभिन्न विशेषज्ञों से बहुमूल्य सुझाव प्राप्त करना था।

प्रमुख उपस्थितगण एवं वक्ता

कार्यशाला में पशु प्रजनन क्षेत्र के देश-विदेश के विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, पशुचिकित्सा विभाग के अधिकारियों, दुग्ध क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों और बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पशुचिकित्सा सेवाएं संचालक श्री चंद्रकांत वर्मा, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB)वरिष्ठ महाप्रबंधक डॉ. आर.ओ. गुप्ता, ग्रुप हेड (पशु प्रजनन) डॉ. निलेश नाइक और प्रबंधक डॉ. स्वप्निल गज्जर, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ प्रबंध संचालक डॉ. एम. जयकृष्णा, पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा (दुर्ग) डॉ. कौसर परवीन (राज्य की स्थानीय नस्लों पर), डॉ. भूपेन्द्र देवांदन (केंद्रीय वीर्य संग्रहालय पर) और डॉ. विवेक अवस्थी (प्रस्तावित नीति के ड्राफ्ट पर), एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज (NDS) सहित विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि और अधिकारियों ने शिरकत की।

उन्नत तकनीक और नीति निर्धारण

कार्यशाला के दौरान उन्नत प्रजनन तकनीक (Advanced Reproductive Technology) और पशु प्रजनन नीति के निर्धारण पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। पशुओं की उत्पादकता और उनकी आनुवंशिक क्षमता में सुधार लाने के उपायों पर जोर दिया गया। राज्य के किसानों और पशुपालकों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रजनन सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने पर मंथन हुआ। पशुधन क्षेत्र के सतत विकास और डेयरी व्यवसाय को मजबूती प्रदान करने से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।


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