रायपुर : विश्व स्तनपान सप्ताह (1 से 7 अगस्त) के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) एवं राज्य स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एसएचएसआरसी) के सहयोग से 6 अगस्त 2026 को रायपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम प्रातः 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार के नए सभागार में आयोजित होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य
एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे। सचिव,
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री अमित कटारिया तथा
आयुक्त-सह-संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं श्री संजीव झा विशिष्ट
अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम का उद्देश्य मातृ दुग्ध के
महत्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, नवजात
एवं शिशुओं के समुचित पोषण और बेहतर स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना तथा मातृ एवं
शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करना है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग,
चिकित्सा विशेषज्ञों, नर्सिंग अधिकारियों,
मितानिनों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न
सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी।
कार्यक्रम में राज्य की 10
ऐसी माताओं को 'माता यशोदा सम्मान' से सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अपने मातृ दुग्ध
का दान कर अथवा अन्य शिशुओं को स्तनपान कराकर मानवता और मातृत्व की अनुकरणीय मिसाल
प्रस्तुत की है। ये वे शिशु हैं जिनकी माताओं में पर्याप्त दूध उपलब्ध नहीं हो सका
अथवा जिनकी माता का निधन हो चुका है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन राज्य के
पहले मातृ दूध कोष (मदर मिल्क बैंक) की स्थापना की घोषणा भी की जाएगी। इस पहल का
उद्देश्य ऐसे नवजात एवं शिशुओं को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण
और पर्याप्त मातृ दुग्ध उपलब्ध कराना है, जिन्हें किसी
कारणवश अपनी माता का दूध प्राप्त नहीं हो पाता।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि माँ का
दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम, संपूर्ण
और प्राकृतिक आहार है। यह न केवल शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है,
बल्कि माँ के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। विश्व स्तनपान
सप्ताह के माध्यम से समुदाय में स्तनपान के प्रति सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा
देने तथा माताओं को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने मीडिया
प्रतिनिधियों एवं आमजन से कार्यक्रम में सहभागिता कर स्तनपान के महत्व का संदेश
जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है, ताकि
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण संबंधी जन-जागरूकता को और अधिक सशक्त बनाया जा
सके।