July 09, 2026


सीपत एनटीपीसी का कारनामा : एचआर के अधिकारी के संरक्षण मे ठेकेदार द्वारा रलिया शमशान घाट बाउंड्रीवाल निर्माण मे किया जा रहा लाखो का घोटाला

बीना सीमांकन के चार एकड़ के बजाए महज 2 दो एकड़ से भी कम जमीन मे करवाया जा रहा निर्माण डीपीसी और गुणवत्ता के सामग्री मे भी भारी भ्रष्टाचार

बिलासपुर : सीपत ​एनटीपीसी के सीएसआर मद से स्वीकृत लाखों रुपयों के निर्माण कार्य में भारी वित्तीय अनियमितता और बंदरबांट का एक गंभीर मामला सामने आया है। मामला ग्राम रलिया  का है, जहाँ 'कान्हा भू-विस्थापित कामगार सहकारी समिति मर्यादित गतौरा' द्वारा कराए जा रहे  श्मशान घाट की बाउंड्रीवॉल निर्माण में नियमों को ताक पर रखकर काम किए जाने के आरोप लग रहे हैं।

​₹44.53 910 लाख की भारी-भरकम राशि है स्वीकृत

जानकारी के अनुसार, ग्राम रलिया में विकास कार्यों के नाम पर सीएसआर मद से कुल ₹44,53,910 की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से गाँव में सीसी रोड और श्मशान घाट की बाउंड्रीवॉल का निर्माण किया जाना है। लेकिन धरातल पर जो काम हो रहा है, उसे देखकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

​4 एकड़ की ज़मीन को दो एकड़ से भी कम जमीन में समेट रहे  

​राजस्व रिकॉर्ड (निस्तार पत्रक) के मुताबिक, ग्राम रलिया में श्मशान घाट के लिए कुल 4 एकड़ ज़मीन आवंटित है, जिसके बीच से नेशनल हाईवे गुज़रता है। नियमानुसार, ठेकेदार और ग्राम पंचायत को इस पूरी 4 एकड़ भूमि (हाईवे के दोनों ओर ,बस्ती और ग्राम भिलाई दोनों तरफ) का सही सीमांकन करवाकर बाउंड्रीवॉल बाउंड्री वाल का निर्माण कार्य करवाया जाता ताकि शमशान घाट की जमीन सुरक्षित रहे।लेकिन आरोपों के मुताबिक, एनटीपीसी के एचआर के भ्रष्ट अधिकारी ठेकेदार,पंचायत भारी भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा 

आधिकारिक राजस्व सीमांकन के, मात्र दो एकड़ से भी कम ज़मीन पर बाउंड्रीवॉल खड़ी कर औपचारिकता पूरी की जा रही है।जबकि इस शमशान घाट के बीच से एनएच का रोड निर्माण हुआ है उसके रलिया बस्ती की ओर भी आधे एकड़ से ज्यादा जमीन जस का तस पड़ा हुआ है,उसमे किसी भी प्रकार का शमशान घाट के बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य नहीं करवाया जा रहा है|

एनटीपीसी  सीएसआर के अधिकारी क्या ऐसे चला रहे खेल

​बड़ा सवाल : जब बजट पूरे 4 एकड़ ज़मीन के घेराव और तय निर्माण कार्य के हिसाब से (लगभग 44.5910 लाख रुपये) जारी हुआ है, तो महज कुछ हिस्से में काम समेटकर बाकी की राशि कहाँ खपाने की तैयारी है?

'कागज़ी खेल' और NOC के भरोसे धांधली?

​सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल में काम पूरा होने के बाद ग्राम पंचायत से कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र (NOC) लेने की तैयारी है। चूंकि एनओसी (NOC) में निर्माण के वास्तविक रकबे (एकड़) का स्पष्ट उल्लेख न होकर सिर्फ कार्य पूर्ण होने का ही जिक्र होता है, इसी लूपहोल का फायदा उठाकर एनटीपीसी (NTPC) से पूरा पैसा आहरित करने की योजना बनाई गई है।

​ग्रामीणों ने की उच्च स्तरीय जांच और सीमांकन की मांग

​इस मामले में अब ग्रामीण लामबंद हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सीधे तौर पर सार्वजनिक राशि का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार है। इस संबंध में जिला कलेक्टर, एसडीएम और जिला पंचायत सीईओ से शिकायत कर मांग की जा रही है कि तत्काल प्रभाव से इस निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। राजस्व विभाग की टीम भेजकर शमशान घाट की कुल 4 एकड़ भूमि का निष्पक्ष सीमांकन कराया जाए।

तकनीकी टीम गठित कर सीसी रोड और बाउंड्रीवॉल की गुणवत्ता व लागत का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराया जाए। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन, संबंधित विभाग और एनटीपीसी इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करते हैं। यदि इस मामले में एनटीपीसी, संबंधित अधिकारियों, ठेकेदार या ग्राम पंचायत का पक्ष सामने आता है, तो उसे भी समान महत्व के साथ प्रकाशित किया जाएगा।


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