बीजापुर : जिले में स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघ की खाल और कंकाल की तस्करी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. इस मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. तीन टाइगर की खाल को बरामद कर लिया गया है. इसके साथ ही पांच बाघों के शिकार की बात सामने आई है.
महाराष्ट्र
पुलिस के जवान भी शामिल
वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB),
राज्य फ्लाइंग स्क्वॉड, महाराष्ट्र वन विभाग,
पुलिस, इंद्रावती टाइगर रिजर्व की टीम और अन्य
वन मंडल की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की है. इस नेटवर्क में महाराष्ट्र के दो
आत्मसमर्पित नक्सली भी शामिल निकले. अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार
किए जा चुके हैं, जिनमें रिजर्व का एक चौकीदार और महाराष्ट्र
पुलिस के 2 जवान भी शामिल हैं.
एंटी पोचिंग स्क्वॉड और इंद्रावती
टाइगर रिजर्व की टीम ने जांच में बड़ा खुलासा किया. बाघ की खाल तस्करी के इस
सिंडिकेट में महाराष्ट्र के 2 आत्मसमर्पित
नक्सली शामिल थे. दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके साथ ही संयुक्त टीम
छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा पर अभियान चला रही है.
होमगार्ड
का जवान भी शामिल
इस मामले में कार्रवाई दो बाघों की
खाल मिलने के बाद शुरू हुई. संयुक्त टीम ने लगातार छापेमारी की और 8
आरोपियों को गिरफ्तार किया. तस्करी के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है.
सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि जिस महाराष्ट्र पुलिस के जवान को गिरफ्तार किया
गया है, उसे राष्ट्रपति वीरता पदक मिल चुका है.
इसके साथ ही होमगार्ड का एक जवान
शामिल है. वहीं, एक आरोपी के घर से
पेंगोलिन के शल्क भी मिले हैं. वहीं, टीम ये भी संभावना जता
रही है कि बाघ के अलावा अन्य जानवरों के अंग भी शामिल हो सकते हैं.