रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन को नई गति मिल रही है। इसी क्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले से विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (VB-GRAM-G) का राष्ट्रीय शुभारंभ किया। इसके तहत जशपुर जिला पंचायत सभागार में जन सम्मेलन एवं शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों के सदस्यों, ग्रामीणों एवं अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधायक
श्रीमती गोमती साय ने कहा कि विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा
में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इस मिशन के माध्यम से ग्रामीण परिवारों
को 125 दिनों तक रोजगार, समयबद्ध मजदूरी भुगतान तथा रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में
बेरोजगारी भत्ता सुनिश्चित किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के
अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण
विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर
अधिक से अधिक पात्र परिवारों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष
श्री सालिक साय ने कहा कि मिशन ग्रामीण विकास के साथ प्राकृतिक संसाधनों के
संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत जल
संरक्षण, जल संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना विकास तथा अन्य जनहितकारी कार्यों को प्राथमिकता दी
जाएगी। साथ ही समय पर रोजगार उपलब्ध नहीं होने पर बेरोजगारी भत्ता और मजदूरी
भुगतान में विलंब होने पर मुआवजे का भी प्रावधान किया गया है।
राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम को
संबोधित करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि
विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि
देश का कोई भी गरीब काम के अभाव में बेरोजगार न रहे। उन्होंने कहा कि मिशन के
माध्यम से ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों
का रोजगार मिलेगा, गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी
तथा मजदूरों के श्रम का सम्मान सुनिश्चित होगा।
’मिशन की प्रमुख
विशेषताएं’
उप संचालक पंचायत श्रीमती कुसुम बड़ा
ने बताया कि मिशन के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 100
दिनों के स्थान पर 125 दिनों तक रोजगार
मिलेगा। दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है। निर्धारित समय सीमा में रोजगार उपलब्ध नहीं होने पर
बेरोजगारी भत्ता तथा मजदूरी भुगतान में विलंब होने पर मुआवजे का प्रावधान किया गया
है। किसानों की सुविधा के लिए बुवाई और कटाई के मौसम में 60 दिनों
तक कार्य स्थगित रखने की व्यवस्था भी की गई है। मिशन के अंतर्गत जल संरक्षण,
जल संवर्धन, बाढ़ प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण एवं आजीविका संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता
देते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया
जाएगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष
श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, छत्तीसगढ़
माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगर
पालिका परिषद जशपुर के अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, अपर कलेक्टर
श्री प्रदीप कुमार साहू, जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायतों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, जनप्रतिनिधि,
स्व-सहायता समूहों के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के
अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।