रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन और वन प्रबंधन समितियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी कड़ी में दंतेवाड़ा वनमंडल के गीदम परिक्षेत्र की कासोली वन प्रबंधन समिति ने मत्स्य पालन के माध्यम से आय बढ़ाने की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की है।
’400 किलोग्राम मछली
का उत्पादन कर करीब 80 हजार रुपए की आय’
वित्तीय वर्ष 2025-26
में कासोली ग्राम के कक्ष क्रमांक 1338 में
तालाब का निर्माण किया गया। इसके बाद वन प्रबंधन समिति द्वारा लगभग 10 माह पहले एक किलो फिंगरलिंग (मछली बीज) तालाब में डाला गया। सुनियोजित
देखभाल और प्रबंधन के परिणामस्वरूप अब तालाब से लगभग 400 किलोग्राम
मछली का उत्पादन प्राप्त हुआ है, जिसका बाजार मूल्य करीब 80
हजार रुपए है।
’समितियों को आजीविका
गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है’
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के
निर्देशानुसार वन प्रबंधन समितियों को आजीविका आधारित गतिविधियों से जोड़कर उन्हें
आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मत्स्य पालन जैसी योजनाओं से ग्रामीणों की आय बढ़ने के
साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। इससे वन संरक्षण
और ग्रामीण आर्थिक विकास को एक साथ गति मिल रही है।