रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में निज निवास बगिया से जशपुर जिले की अभिनव शैक्षणिक पहल ‘जश लर्न’ का जिला स्तरीय शुभारंभ किया। फरसाबहार विकासखंड में सफल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित इस कार्यक्रम को अब जिले के सभी विकासखंडों तक विस्तारित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की आधारभूत गणितीय दक्षताओं को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ शिक्षक, पालक और विद्यार्थियों की सहभागिता से सीखने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री
विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत
आधारशिला होती है। आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से बच्चों तक
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि
जब शिक्षक, पालक और विद्यार्थी एक साथ
मिलकर कार्य करते हैं, तब शिक्षा के परिणाम अधिक सकारात्मक
और स्थायी होते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास
व्यक्त किया कि ‘जश लर्न’ कार्यक्रम बच्चों की गणितीय समझ विकसित करने, उनमें
आत्मविश्वास बढ़ाने तथा सीखने के स्तर में गुणात्मक सुधार लाने में महत्वपूर्ण
भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने बच्चों
से किया संवाद, पूछा—
क्या-क्या सीखे हो?
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री
साय ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम से लाभान्वित विद्यार्थियों वंदना यादव, नव्यता
यादव, आयुषी तिर्की एवं कुसुम डडसेना से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने
बच्चों से पूछा कि इस कार्यक्रम से उन्हें क्या सीखने को मिला और पढ़ाई में किस
प्रकार लाभ हुआ।
ग्राम झारमुंडा की कक्षा पांचवीं की
छात्रा नव्यता यादव ने बताया कि अब उसे 20 तक पहाड़े याद हो गए हैं और जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसे गणितीय प्रश्न आसानी से हल कर लेती है। धनपुर की छात्रा
वंदना यादव ने बताया कि नियमित फोन आधारित मार्गदर्शन और अभ्यास से गणित के प्रति
उसका आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले गणित कठिन लगता था, लेकिन अब
पढ़ाई में आनंद आने लगा है।
बच्चों के अनुभव सुनकर मुख्यमंत्री
ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा में तकनीक,
शिक्षक और अभिभावकों की संयुक्त सहभागिता से सीखने के बेहतर परिणाम
प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार बच्चों की शैक्षणिक नींव
मजबूत करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास का भी विकास करते हैं।
डाइट के प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों
को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री
विष्णुदेव साय ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम से जुड़े डाइट जशपुर के प्रथम वर्ष के उन प्रशिक्षु
छात्र-शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया, जिन्होंने
मोबाइल आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों की गणितीय दक्षता बढ़ाने में उल्लेखनीय
योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की
सराहना करते हुए कहा कि यह पहल शिक्षा क्षेत्र में नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है,
जहां भावी शिक्षक समाज के बच्चों के सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय
भागीदारी निभा रहे हैं।
फरसाबहार में मिले
उत्साहजनक परिणाम
जिला प्रशासन जशपुर द्वारा यूथ
इम्पैक्ट संस्था के सहयोग से फरसाबहार विकासखंड में ‘जश लर्न’ कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में
प्रारंभ किया गया था। इसके अंतर्गत कक्षा तीसरी एवं चौथी के चयनित विद्यार्थियों
को डाइट जशपुर के छात्र-अध्यापकों द्वारा नियमित रूप से मोबाइल फोन के माध्यम से
शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया गया।
बच्चों की गणितीय दक्षताओं का आकलन
कर उन्हें जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसी मूलभूत अवधारणाओं में चरणबद्ध तरीके से मार्गदर्शन दिया
गया। कार्यक्रम में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिससे घर पर भी बच्चों की पढ़ाई निरंतर जारी रही।
डाइट जशपुर की प्रशिक्षु छात्रा
सृष्टि ने बताया कि अप्रैल 2026 से
शुरू हुए इस पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से गणित में कमजोर बच्चों को उनके
अभिभावकों की उपस्थिति में नियमित फोन कॉल कर मूलभूत गणितीय कौशल सिखाए गए। इससे
बच्चों को विद्यालय के अतिरिक्त घर पर भी सीखने का अवसर मिला।
260 विद्यार्थियों को
मिला लाभ, 75 प्रतिशत बच्चों ने हासिल की दक्षता
पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत डाइट
जशपुर के 90 प्रशिक्षु
छात्र-शिक्षकों ने फरसाबहार विकासखंड के 260 विद्यार्थियों
को मोबाइल आधारित शिक्षण सहायता प्रदान की। कार्यक्रम के परिणाम अत्यंत सकारात्मक
रहे और लगभग 75 प्रतिशत विद्यार्थियों ने जोड़, गुणा, भाग एवं अन्य मूलभूत गणितीय संक्रियाओं में
दक्षता प्राप्त की। बच्चों की सीखने की गति, गणितीय समझ तथा आत्मविश्वास
में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।
अब जिले के सभी
विकासखंडों में पहुंचेगा ‘जश
लर्न’
पायलट प्रोजेक्ट की सफलता को देखते
हुए जिला प्रशासन ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम को जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में लागू करने का निर्णय लिया
है। इसके लिए सभी सीएसी को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि कार्यक्रम का
प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
“साथ मिलकर सीखें, आगे बढ़ें” की भावना पर आधारित यह पहल जशपुर जिले
में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक और नवाचारपूर्ण मॉडल के रूप में उभर रही
है। कार्यक्रम के विस्तार से जिले के हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा तथा उनकी
आधारभूत शैक्षणिक दक्षताओं को मजबूत कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को और अधिक
प्रभावी बनाया जा सकेगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष
श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास
सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, डाइट जशपुर के
प्रशिक्षु विद्यार्थी, पालकगण तथा बड़ी संख्या में नागरिक
उपस्थित थे।