रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के दूरस्थ, वनांचल और पहुंचविहीन क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी अंतर्गत दुर्गम ग्राम पंचायत बरडीह के बरडीह पारा में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया है। इस पहल से ऐसे क्षेत्रों के लोगों को उनके गांव में ही स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श की सुविधा मिल रही है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित शिविर
में ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकता अनुसार
दवाइयों का वितरण किया गया। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को वर्षा ऋतु में फैलने
वाली बीमारियों, मलेरिया, डायरिया तथा अन्य संक्रमणों से बचाव के उपायों की जानकारी दी। साथ ही
स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल के उपयोग और मच्छरों से बचाव के
लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने का संदेश भी दिया गया।
शिविर की सबसे महत्वपूर्ण पहल
सर्पदंश के प्रति जागरूकता रही। स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को बताया कि
सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तत्काल
चिकित्सकीय उपचार कराना ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है। ग्रामीणों को
जानकारी दी गई कि जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश के उपचार के लिए एंटी
वेनम की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है और समय पर इलाज मिलने से गंभीर जटिलताओं तथा
मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस
पहल के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पहले स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लंबी
दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे समय और
संसाधनों की कठिनाई होती थी। अब स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव तक पहुंच रही है,
जिससे समय पर उपचार के साथ स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी भी मिल
रही है।
यह पहल केवल उपचार तक सीमित नहीं है,
बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता के माध्यम से ग्रामीणों को सुरक्षित और
स्वस्थ जीवन की दिशा में प्रेरित भी कर रही है। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप
स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का यह प्रयास दूरस्थ क्षेत्रों में
रहने वाले लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है तथा जनस्वास्थ्य को सुदृढ़
बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।