रायपुर : राज्य सरकार की 'सुशासन' प्रतिबद्धता को जमीनी स्तर पर उतारते हुए 'सुशासन तिहार 2026' के अंतर्गत बुधवार को विकासखंड कुरूद के ग्राम पंचायत तर्रागोंदी में विशाल क्लस्टर स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से सजे इस शिविर में ग्रामीणों का भारी उत्साह देखने को मिला।
शिविर में तर्रागोंदी सहित कुल 18 ग्राम पंचायतों जोरातराई, सेमरा, सिलौटी, जुगदेही, कोर्रा,
ईर्रा, गातापार, चरोटा,
भेण्डरा, सुपेला, पचपेड़ी,
रामपुर, हंचलपुर, बोरझरा,
गाड़ाडीह, सिलघट एवं सेमरा-बी के ग्रामीणों ने
हिस्सा लेकर अपनी मांगें और समस्याएं शासन के समक्ष रखीं।
एक ही छत के नीचे सजे
विभागों के स्टॉल
शिविर में विभिन्न शासकीय विभागों
द्वारा सूचनात्मक एवं सेवामूलक स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों के माध्यम से न केवल
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की क्रेडिबल जानकारी दी गई,
बल्कि पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभान्वित करने की
प्रक्रिया भी पूरी की गई।
मौके पर मिली राहत
शिविर के दौरान कुल 642 आवेदन प्राप्त हुए,जिसमे मांग संबंधी 624 और शिकायत संबंधी 18 आवेदन प्राप्त हुए।मौके पर 172 आवेदनों का निराकरण जिसमे 170 मांग एवं 2 शिकायत के आवेदन थे।शेष आवेदन को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के
लिए संबंधित विभागों को भेजा गया है। प्रशासन का संकल्प है कि आवेदनों का निराकरण
निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी संवेदनशीलता के साथ किया जाए।
खुशियों की सौगात:
बांटी गई सामग्री और सहायता राशि
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित
जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न
योजनाओं के तहत प्रमाण पत्र, वित्तीय
सहायता के चेक, आवश्यक किट, कृषि व
अन्य उपकरण, सामग्री तथा कल्याणकारी योजनाओं के कार्ड वितरित
किए गए। एक ही स्थान पर सारी प्रशासनिक सुविधाएं मिल जाने से ग्रामीणों के चेहरे
खिल उठे, जिससे शासन और जनता के बीच का विश्वास और मजबूत हुआ
है।