रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार की रोजगारपरक और जनकल्याणकारी योजनाओं के चलते बस्तर अंचल की महिलाओं की जिंदगी में बड़ा सकारात्मक बदलाव आ रहा है। राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी ने सुकमा जिले के कुम्हाररास स्थित इमली प्रोसेसिंग केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वहां कार्यरत स्व-सहायता समूह की महिलाओं से सीधा संवाद किया।
30 से अधिक महिलाओं को
मिल रही नियमित आजीविका
निरीक्षण के दौरान केंद्र में
कार्यरत 30 से अधिक ग्रामीण महिलाओं
ने महिला आयोग की सदस्य को बताया कि यह इमली प्रसंस्करण यूनिट उनके लिए आजीविका का
एक मजबूत और स्थाई माध्यम बन चुकी है। यहाँ काम करने से हमें हर महीने नियमित आय
प्राप्त हो रही है, जिससे हमारी आर्थिक स्थिति पहले से काफी
मजबूत हुई है। अब हम पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार के पालन-पोषण और
जिम्मेदारियों में बराबर की भागीदारी निभा पा रही हैं।
महिला सशक्तिकरण का
उत्कृष्ट उदाहरण
महिलाओं से संवाद करते हुए सुश्री
दीपिका सोरी ने केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न स्व-रोजगार योजनाओं की जानकारी
दी। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाएं महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से
आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सुश्री सोरी ने सभी उपस्थित
महिलाओं को शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का भी अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए
प्रेरित किया। उन्होंने कुम्हाररास केंद्र की तारीफ करते हुए कहा कि यह यूनिट
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है,
जहाँ महिलाएं सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रही हैं।
केंद्र और राज्य सरकार
के प्रति जताया आभार
चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के
बीच स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र की
महिलाओं ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री
श्री विष्णुदेव साय के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया। महिलाओं का कहना है कि इन
रोजगारपरक योजनाओं के कारण बस्तर की ग्रामीण महिलाएं अब आर्थिक रूप से सशक्त होकर
आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।