रायपुर : पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत माननीय उच्चतम न्यायालय के नवीन निर्देशों के परिपालन में भारत सरकार के विभिन्न विभागों के सचिवों एवं राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की आज वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। जिसमें अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को लागू करने के लिए विस्तार से विचार विमर्श किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव श्री विकासशील भी आज यहां मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर से जुडे़।
मुख्य सचिव ने
छत्तीसगढ़ में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए राज्य शासन द्वारा की जा ही गतिविधियों की
जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित
किया जा रहा है। सभी जिलों के कलेक्टरों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर सक्त
कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है। सभी जिलों में कलेक्टरों को निगरानी में एक
विशेष प्रकोष्ठ का गठन होगा। जिला कलेक्टरों को कचरा डम्पिंग साइट्स का वर्चुअल और
भौतिक निरीक्षण करना होगा और इसकी प्रगति रिपोर्ट राज्य शासन के विभागों के नामित
सचिवों को भेजी होगी।
नये नियमों के तहत
छत्तीसगढ़ के सभी नगरीय निकायों में रहने वाले नागरिकों के लिए अब कचरे का पृथकरण
अनिवार्य कर दिया गया है। नागरिकों को अपने घरों का कचरा अलग-अलग डस्टबिन में रखना
होगा। गीला कचरा-रसोई घर का जैविक कचरा,
सूखा कचरा-रीसाइकिल होने योग्य सामग्री। इसी तरह से राज्य के
ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का कड़ाई से पालन होगा। वीडियो
कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन, आवासन
एवं शहरी कार्य, पेयजल एवं सेनीटेशन, पंचायत
एवं ग्रामीण विकास सहित अन्य विभागों के प्रमुख अधिकारियों ने विभागीय जानकारी
साझा की। इसी तरह से वीडियो कॉन्फ्रंेस में देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिव एवं
संबंधित विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।