रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुसार जन-जन तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित 'सुशासन तिहार' आज कई परिवारों के अंधेरे जीवन में उजाला भर रहा है। इसी क्रम में बस्तर जिले के जनपद पंचायत तोकापाल अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पलवा (बाघनपाल) से एक सुखद तस्वीर सामने आई है, जहाँ पति की मृत्यु के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रही श्रीमती लालिमा ठाकुर के लिए शासन की योजनाएं एक बड़ा सहारा बनी हैं।
अपने पति स्वर्गीय संजय ठाकुर के
आकस्मिक निधन के बाद लालिमा ठाकुर और उनके बेटे चंदू ठाकुर के सामने जीवन-यापन का
गहरा संकट खड़ा हो गया था। एक ही परिवार के इन सदस्यों को अपनी बुनियादी जरूरतों और
परिवार को चलाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा था। परिस्थितियों के आगे विवश
लालिमा ठाकुर ने शासन द्वारा आयोजित 'सुशासन
तिहार' में अपनी पीड़ा साझा की और राष्ट्रीय परिवार सहायता
एवं इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के तहत मदद की गुहार लगाई।
समाज कल्याण विभाग ने मामले की संवेदनशीलता
को देखते हुए तत्परता दिखाई और जनपद पंचायत के द्वारा ग्राम पंचायत से संपर्क कर
तत्काल लालिमा ठाकुर के आधार कार्ड, बैंक
पासबुक, राशन कार्ड और बीपीएल नंबर जैसे जरूरी दस्तावेज
मंगवाए। दस्तावेजों के सत्यापन और पात्रता परीक्षण के पश्चात विभाग द्वारा त्वरित
कार्यवाही करते हुए उन्हें पेंशन योजना की स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
इस त्वरित राहत ने लालिमा ठाकुर के
चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है। अपनी खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने बताया कि
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में चलाए जा रहे सुशासन तिहार के माध्यम
से उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण हो गया। लालिमा ठाकुर और उनके पुत्र चंदू
ठाकुर ने इस मानवीय पहल और समय पर मिली आर्थिक सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का
तहे दिल से धन्यवाद ज्ञापित किया है। यह सजग पहल दर्शाती है कि शासन की योजनाएं
यदि सही समय पर पात्र व्यक्ति तक पहुँचें, तो
वे किसी भी परिवार के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती हैं।