रायपुर : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज पी.जी. कॉलेज अंबिकापुर के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में सहभागिता करते हुए कहा कि नारी का सम्मान ही राष्ट्र के उत्थान का आधार है। उन्होंने कहा कि आज का भारत महिलाओं को केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि नेतृत्व और निर्णय लेने की शक्ति भी प्रदान कर रहा है, जो देश के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।
इस अवसर पर मंत्री
श्री अग्रवाल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम
बताते हुए कहा कि यह अधिनियम संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करता है। उन्होंने
कहा कि इस प्रावधान से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी और नीति-निर्माण में
उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित होगी, जिससे लोकतंत्र और अधिक
सशक्त बनेगा।
उन्होंने इस
ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए
कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा
में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। यह अधिनियम ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को मजबूती प्रदान करने
के साथ ही समाज में लैंगिक समानता को भी बढ़ावा देगा।
मंत्री श्री अग्रवाल ने अपने संबोधन
में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कृत संकल्पित है और
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा सुरक्षा के क्षेत्रों में लगातार प्रभावी कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं
और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं
की सहभागिता रही, जहां महिला सशक्तिकरण,
आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं और अवसरों की जानकारी साझा की गई,
जिससे महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिली। जब नारी सशक्त होगी,
तभी राष्ट्र सशक्त और समृद्ध बनेगा, और यही
संदेश नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से पूरे देश में सशक्त रूप से प्रसारित
हो रहा है।