रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) के माध्यम से गरीब परिवारों के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिल रहा है। राज्य में आवास निर्माण की गति ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिससे लाखों परिवार अब कच्चे घरों की परेशानियों से मुक्त होकर सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
प्रदेश में वर्ष 2025-26
के दौरान ही 6 लाख से अधिक पक्के मकानों का
निर्माण पूरा किया गया, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। वहीं
राज्य सरकार द्वारा लगभग 18 लाख से अधिक ग्रामीण आवास
स्वीकृत किए जा चुके हैं। शहरी क्षेत्रों में भी योजना का प्रभाव व्यापक है,
जहां पौने तीन लाख से अधिक मकानों को स्वीकृति मिली है और लगभग 2.17
लाख मकान पूर्ण हो चुके हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि साय सरकार
आमजन के जीवन स्तर को सुधारने के लिए कितनी तेजी और प्रतिबद्धता से कार्य कर रही
है।
इसी परिवर्तन की एक सजीव और
प्रेरणादायक मिसाल है गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के पेन्ड्रा विकासखण्ड के ग्राम
गिरारी निवासी मदन की कहानी। मदन अपने परिवार के साथ पहले एक कच्चे मकान में रहते
थे, जहां हर वर्ष बरसात उनके लिए चिंता और
भय का कारण बन जाती थी। छत से पानी टपकता था, घर में पानी भर
जाता था और परिवार की सुरक्षा भी खतरे में रहती थी।
वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत मदन को आवास स्वीकृत हुआ।
योजना से प्राप्त सहायता और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने अपने सपनों का पक्का घर
तैयार किया। आज उनका परिवार एक मजबूत, सुरक्षित और सम्मानजनक
घर में रह रहा है। अब न बारिश का डर है और न ही असुरक्षा की चिंता। मदन भावुक होकर
बताते हैं कि पहले बरसात में घर में पानी भर जाता था, लेकिन
अब वे निश्चिंत हैं और उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है।
छत्तीसगढ़ में आवास योजना के तहत हो
रहे व्यापक कार्य केवल घर निर्माण तक सीमित नहीं हैं,
बल्कि यह सामाजिक सम्मान, सुरक्षा और
आत्मविश्वास का नया आधार भी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराया जाए,
ताकि कोई भी परिवार कच्चे घर की असुविधाओं में जीवन जीने को मजबूर न
हो। साय सरकार की यह जनकल्याणकारी पहल न केवल गरीबों के सपनों को साकार कर रही है,
बल्कि छत्तीसगढ़ को विकास और समृद्धि की नई दिशा में भी आगे बढ़ा रही
है।