रायपुर : आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान में शनिवार 14 मार्च 2026 को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) बिलासपुर द्वारा प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों एवं व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित किए जाएंगे। यह कैलेण्डर वर्ष 2026 की पहली लोक अदालत होगी।
लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय एवं
तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर
दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई
एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता तथा मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर,
संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक
चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरणों के निराकरण
किया जाएगा।
इसी प्रकार बैंक विद्युत संबंधी
प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय
खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य
बटवारे का निराकरण किया जाएगा। न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में
कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान
करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है।
नेशनल लोक अदालत के लिए खण्डपीठों का
गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के
माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों धारा. 138
परक्राम्य लिखत अधिनियम मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों तथा
पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं।
इसके अतिरिक्त राजस्व,
बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर
पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा
प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के
प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे।
इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों
का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में
दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण,
याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना
दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे
के आधार पर बंटवारा से संबंधित प्रक्ररणों को निराकृत किया जाएगा।
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023)
के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल
एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र,
दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य
प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल
लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जाएगा।