रायपुर : किसान वैज्ञानिक पद्धति, उन्नत बीज और सही मार्गदर्शन के साथ खेती करें, तो कम भूमि में भी अधिक उत्पादन और बेहतर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इसी कड़ी में मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड के ग्राम करही के किसान चिंतामणि बंजारे ने नवाचार और आधुनिक तकनीक को अपनाकर खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया है।
उन्होंने परंपरागत
सब्जी खेती से आगे बढ़ते हुए उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में 10 एकड़ क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती कर
लगभग 1100 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस उत्पादन से
उन्हें करीब 16 लाख रुपये की आमदनी हुई है।
कृषक चिंतामणी ने बताया कि सामान्य फसल की तुलना
में ग्राफ्टेड बैगन में लागत अपेक्षाकृत कम आती है, जबकि उत्पादन अधिक मिलता है, परिणामस्वरूप आय दो से तीन गुना तक बढ़ जाती है। ग्राफ्टेड बैंगन की
विशेषता इसकी मजबूत जड़ प्रणाली, रोग प्रतिरोधक क्षमता और
अधिक उत्पादन है।
पहले वे सामान्य
सब्जियों की खेती करते थे, जिसमें लाभ सीमित और जोखिम अधिक था। किंतु उद्यान विभाग के प्रोत्साहन,
तकनीकी सलाह और उन्नत पौध सामग्री के उपयोग ने उनकी खेती की दिशा ही
बदल दी। उचित सिंचाई प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग और
नियमित देखभाल से फसल की गुणवत्ता बेहतर रही, जिससे बाजार
में उन्हें अच्छा मूल्य प्राप्त हुआ। आज वे आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी उन्नत तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
ग्राफ्टेड बैंगन की खेती ने उनके परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ गांव में आधुनिक
कृषि की नई सोच को भी प्रोत्साहित किया है।