रायपुर : कृषि और आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम ने वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट ‘संकल्प’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट संकल्प राज्य के किसानों गरीबों और कमजोर वर्गों के विकास के लिए मील का पत्थर का साबित होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की चहुमुखी विकास हो रहा है। विगत वर्षो में प्रस्तुत बजट, ज्ञान, गति के बाद अब संकल्प राज्य के उत्तरोतर विकास के लिए राह आसान करेगी। इसके साथ ही यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत /2047 की संकल्पों को पूरा करने में भी सहायक होगी।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि यह बजट
राज्य की संस्कृति और अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ कृषि को मजबूत करने वाला है।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो आदिवासी बहुल क्षेत्रों में समग्र
विकास सुनिश्चित करेगा। जनजातीय सुरगुड़ी स्टूडियो के लिए बजट प्रावधान किया गया
है। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की राशि को 50 करोड़ से
बढ़ाकर 75 करोड़ किया गया है। अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण
के लिए 80 करोड़ का प्रावधान है। पिछड़ा वर्ग के हित में
विभागाध्यक्ष भवन के लिए बजट प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के
अंतर्गत 500 करोड़ रुपये तथा आवास निर्माण के लिए 200 करोड़ का प्रावधान है। अनुसूचित जनजाति बहुल ग्राम पंचायतों में बैगा एवं
पुजारी के लिए 3 करोड़ का प्रावधान किया गया है। निश्चित ही
यह बजट राज्य के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त करने में अहम भूमिका निभाएगी।
मंत्री श्री नेताम ने प्रतिक्रिया
में कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि हमारी संस्कृति है। किसानों के खाते में विगत इन तीन
वर्षों में एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये से
अधिक का भुगतान हो चुका है। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार
करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो आधुनिक तकनीक और फसल विविधीकरण को बढ़ावा
देगी। मार्कफेड को धान उपार्जन के लिए 6 हजार करोड़ रुपये का
प्रावधान है। कृषि पंपों को निःशुल्क बिजली के लिए 5500 करोड़
रुपये का प्रावधान किया गया है। आलू प्रदर्शन विकास योजना की शुरुआत होगी। आईजीकेव्ही
में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना होगी। डेयरी समग्र विकास योजना के लिए 90
करोड़ रुपये का प्रावधान है। किसानों और मजदूरों के दुर्घटना बीमा के
लिए बजट प्रावधान किया गया है।
भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के लिए
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत 600 करोड़ रुपये का प्रावधान है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820
करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन
कार्यक्रम के लिए 170 करोड़ रुपये, कृषक
समग्र विकास योजना के लिए 150 करोड़ रुपये, पीएम कृषि सिंचाई योजना के लिए 130 करोड़ रुपये,
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 130 करोड़
रुपये, पीएम मत्स्य संपदा योजना के लिए 200 करोड़ रुपये, डेयरी विकास के लिए 90 करोड़ रुपये समग्र पशु संवर्धन योजना के लिए 8 करोड़
रुपये तथा पशुओं को साल भर हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए हरा चारा उत्पादन हेतु 10
करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह बजट किसानों की आय बढ़ाने
सिंचाई बीमा और पशुपालन को मजबूत करने पर केंद्रित है जो राज्य की ग्रामीण
अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। आदिवासी और पिछड़े वर्गों के उत्थान से समावेशी विकास
सुनिश्चित होगा।