February 16, 2026


कटघोरा वनमंडल की सतर्कता से तेंदुए का सफल रेस्क्यू और शिकारी गिरफ्तार

रायपुर : वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रभावी प्रयासों और वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में कटघोरा वनमंडल ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। पाली परिक्षेत्र में फंदे में फंसे तेंदुए का सफल रेस्क्यू कर आरोपी शिकारी की गिरफ्तारी की गई है, यह विभाग की त्वरित कार्यवाही, आधुनिक तकनीक और टीमवर्क की सफलता को दर्शाता है।

उल्लेखनीय है कि बीते 9 फरवरी की रात पाली परिक्षेत्र के लाफा बीट में सूचना मिली कि एक युवा तेंदुआ शिकारी द्वारा लगाए गए फंदे में फंस गया है। सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी श्री कुमार निशांत के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। कठिन पहाड़ी रास्ते और तेंदुए की आक्रामक स्थिति के बावजूद टीम ने तत्काल रेस्क्यू का निर्णय लिया।

साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन

       उच्च अधिकारियों की अनुमति के बाद बिलासपुर से पशु चिकित्सक डॉ. चंदन और उनकी टीम को बुलाया गया। रात लगभग 10.40 बजे तेंदुए को सुरक्षित रूप से ट्रैंकुलाइज किया गया और कुछ ही मिनटों में उसे क्लच वायर के फंदे से बाहर निकाल लिया गया। घायल तेंदुए का प्राथमिक उपचार कर उसे बेहतर इलाज के लिए कानन पंडारी भेजा गया। अगले दिन अचानकमार टाइगर रिजर्व से डॉग स्क्वाड टीम को बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से सुराग जुटाते हुए आरोपी के घर तक पहुंच बनाई। वहां से शिकार में उपयोग किए गए तार और अन्य सामग्री बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी विजय कुमार गोंड ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया।

उपचार के बाद तेंदुए की स्थिति में सुधार होने पर विशेषज्ञों की सलाह से उसे पुनः जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। छोड़ने से पहले क्षेत्र में एंटी-स्नेयर वॉक कर अन्य फंदों की जांच की गई तथा ट्रैप कैमरों और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया। यह सफलता दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। वन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया, वैज्ञानिक पद्धति और समन्वित प्रयासों से न केवल एक वन्यप्राणी का जीवन बचाया गया, बल्कि वन्यजीव अपराध करने वालों को भी कड़ा संदेश दिया गया है कि ऐसे अपराध अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।


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