February 09, 2026


किसान सुरेश कुमार नाग को मिला ‘भुइयां के भगवान’ सम्मान, उपमुख्यमंत्री अरुण साव उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान राशि प्रदान कर किया सम्मानित

रायपुर : छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के ग्राम कासौली (विकासखंड दंतेवाड़ा) के प्रगतिशील किसान श्री सुरेश कुमार नाग को आईबीसी 24 द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित भुइयां के भगवानसम्मान से नवाजा गया है। 06 फरवरी 2026 को आयोजित कार्यक्रम में राज्य के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया। यह उपलब्धि दंतेवाड़ा जिले के किसानों के लिए गर्व का विषय है।

खेतों में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग पूरी तरह बंद

सुरेश कुमार नाग लंबे समय से जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने रासायनिक खेती के दुष्परिणामों को समझते हुए अपने खेतों में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया और जीवामृत, घन-जीवामृत तथा नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे जैविक उपायों को अपनाया। इसके अच्छे परिणाम मिलने के बाद उन्होंने अपने अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा किए, जिससे आसपास के कई किसान भी प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित हुए।

जैविक खेती को बढ़ावा देने चलाए जा रहे प्रयास

नाग 100 से अधिक परंपरागत धान की किस्मों के संरक्षण का कार्य भी कर रहे हैं। इसके साथ ही श्री विधि से रागी और कोसरा की खेती जैसे नवाचारों को अपनाकर जिले में प्राकृतिक खेती को नई दिशा दी है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों को श्री नाग जैसे किसानों ने जमीन पर सफल बनाया है। उनकी इस उपलब्धि पर किसानों, कृषि विशेषज्ञों और अधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।

पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बचाने का महत्वपूर्ण कार्य

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सुरेश कुमार नाग जैसे किसान समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, जो खेती के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। सम्मान प्राप्त करने के बाद श्री नाग ने कहा कि यह पुरस्कार उन सभी किसानों को समर्पित है, जो प्राकृतिक खेती अपनाकर धरती और आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

युवाओं में खेती के प्रति सकारात्मक सोच

 सुरेश कुमार नाग को मिला यह सम्मान दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है और इससे युवाओं में खेती के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होने की उम्मीद है।


Related Post

Archives

Advertisement

Trending News

Archives