रायपुर : शासन की महत्वाकांक्षी विकसित भारत जी राम जी (वीबी जी राम जी) योजना के अंतर्गत जिला दंतेवाड़ा की ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह की 07 तारीख को रोजगार दिवस, चावल उत्सव और आवास दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
ग्रामीण जरूरतमंद परिवार
तक रोजगार के अवसर पहुंचाना
अधिकारियों ने बताया कि पहले महात्मा
गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 100
दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाता था, जिसे
अब विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत बढ़ाकर 125 दिनों
तक किया गया है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक जरूरतमंद परिवार
तक रोजगार के अवसर पहुंचाना है।
क्यूआर
कोड से बढी पारदर्शिता
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को
क्यूआर कोड आधारित नई प्रणाली की जानकारी दी गई। अब जॉब कार्ड और मस्टर रोल का
मिलान क्यूआर कोड स्कैन कर किया जा रहा है, जिससे
पारदर्शिता बढ़ी है और गड़बड़ी की संभावना कम हुई है।
गुणवत्तापूर्ण
आवास निर्माण लिए तकनीकी मार्गदर्शन
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
के अंतर्गत स्वीकृत हितग्राहियों के नामों का वाचन किया गया तथा आवास निर्माण के
लिए मिलने वाली किश्तों, मजदूरी भुगतान,
निर्माण सामग्री और अन्य विभागों से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी
दी गई। अधिकारियों ने हितग्राहियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण
पूरा करने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया।
बायोमेट्रिक
प्रमाणीकरण, मोबाइल
आधारित निगरानी प्रणाली और नागरिक सहभागिता से पारदर्शिता
रोजगार दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय
ग्रामीण आजीविका मिशन और विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत मिलने वाली रोजगार
गारंटी की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि विकसित भारत 2047
के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और
रोजगार सुनिश्चित करने के लिए यह पहल की जा रही है।
कार्यक्रम में बायोमेट्रिक
प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी
प्रणाली और नागरिक सहभागिता जैसे आधुनिक तकनीकी उपायों की जानकारी दी गई, जिससे कार्यों की निगरानी, उपस्थिति सत्यापन और
भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।
डबरी
निर्माण कर मत्स्य पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहन
इसके अलावा आजीविका डबरी निर्माण के
बारे में भी ग्रामीणों को बताया गया। डबरी निर्माण से मत्स्य पालन और अन्य आजीविका
गतिविधियों के माध्यम से आय बढ़ाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के
अंत में ग्रामीणों से अपील की गई कि वे प्रत्येक माह की 07
तारीख को आयोजित रोजगार दिवस, चावल उत्सव और
आवास दिवस में भाग लेकर शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।