February 03, 2026


'हौसलों की उड़ान : कठिनाइयों को पीछे छोड़ सिविल सेवा तक पहुँचीं सुश्री मधु साहू'

मेहनत, आत्मविश्वास और सरकारी सहयोग से साकार हुआ दिव्यांग बेटी का सपना

रायपुर : संघर्ष, संकल्प और निरंतर मेहनत की मिसाल बन चुकी सुश्री मधु साहू ने यह सिद्ध कर दिया है कि शारीरिक चुनौती सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। 40 प्रतिशत अस्थि बाधित दिव्यांगता और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी (वित्त विभाग) के पद पर चयनित होकर अपने सपनों को साकार किया और प्रदेश के दिव्यांग युवाओं के लिए प्रेरणा बनीं।

रायगढ़ जिला के तमनार ग्राम की निवासी सुश्री मधु साहू ने प्रतिकूल परिस्थितियों को कभी अपने आत्मबल पर हावी नहीं होने दिया। नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और आत्मविश्वास के साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी। शारीरिक कठिनाइयों के बीच भी उनका संकल्प अडिग रहा और यही निरंतर मेहनत उनकी सफलता की नींव बनी।

उनकी इस उपलब्धि पर समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित क्षितिज अपार संभावनाएंसिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पात्र पाए जाने पर 50 हजार रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई। यह आर्थिक सहयोग उनके लिए केवल राशि नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और परिश्रम की सरकारी स्वीकृति है।

प्रोत्साहन राशि प्राप्त होने के पश्चात सुश्री मधु साहू ने भावुक होकर कहा कि इस सहयोग से उन्हें न केवल आर्थिक संबल मिला, बल्कि यह विश्वास भी मजबूत हुआ कि राज्य शासन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि यह प्रोत्साहन उनकी आगे की तैयारी और जिम्मेदारियों को निभाने में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास देगा।

सुश्री मधु साहू ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, शिक्षकों तथा जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग को देते हुए आभार व्यक्त किया। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि मेहनत जब संकल्प से जुड़ती है और शासन की संवेदनशील नीतियों का साथ मिलता है, तो हर असम्भवसम्भव बन जाता है।


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