January 17, 2026


धान उपार्जन केन्द्रों की व्यवस्था से धान विक्रय करना हुआ सरल और आसान, किसान तुहंर टोकन व्यवस्था की निश्चल मेहता ने की सराहना

धान का मिला सर्वाधिक दाम, अन्य फसलों की खेती हुई आसान

अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिले में धान उपार्जन केन्द्रों की पारदर्शी और सुव्यवस्थित व्यवस्था के चलते किसानों के लिए धान विक्रय की प्रक्रिया अब आसान हो गई है। डिजिटल तकनीक एवं किसान हितैषी नीतियों से किसानों को लाभ मिल रहा है। ग्राम पंचायत करजी, शिवपुर के रहने वाले किसान श्री निश्चल मेहता धान उपार्जन केन्द्रों की पारदर्शी व्यवस्था पर संतुष्टि जाहिर की।

कृषक श्री मेहता ने बताया कि उन्होंने 250 बोरी, करीब 100 क्विंटल धान का रकबा है। उन्होंने कहा कि किसान तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से टोकन काटने की प्रक्रिया बेहद आसान हो गई है। अब किसान घर बैठे ही मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन टोकन काट सकते हैं, जिससे समिति कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं पड़ती और समय की भी बचत होती है। डिजिटल प्रणाली के कारण धान विक्रय में पारदर्शिता बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि करजी धान उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही गेट पास जारी किया गया, नमी परीक्षण किया गया तथा तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। सुव्यवस्थित प्रक्रिया के चलते धान विक्रय के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि समिति केन्द्र में किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं तथा समिति के कर्मचारी किसानों को सहयोग कर रहे हैं।

किसान श्री मेहता ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल दिया जा रहा है और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। जिससे किसानों को आर्थिक लाभ मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे गेहूं, तिलहन और सब्जी की खेती में कर रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि शासन की किसान हितैषी नीतियों के कारण प्रदेश का किसान अब खुशहाल और सशक्त हो रहा है। मेहता ने धान उपार्जन व्यवस्था की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि धान का सर्वाधिक दाम मिलने से प्रदेश के किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं।


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