रायपुर : कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्र से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक ग्रामीणों को बड़ी मात्रा में रोजगार मिलने से ग्रामीण बहुत उत्साहित है। विकासखंड कवर्धा, बोडला, सहसपुर लोहारा एवं पंडरिया के लगभग सभी ग्राम पंचायतो में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से बड़ी मात्रा में निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए हैं जिसमें ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार मिलने से उत्साहित है। वि
गत कई दिनों से औसतन 32000
से अधिक ग्रामीणों को प्रतिदिन रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है और
रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में कबीरधाम जिला प्रदेश में लगातार अग्रणी पंक्ति
में बना हुआ है। इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में
योजना अंतर्गत कई पैरामीटर में कबीरधाम जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर बना
हुआ है।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया
की जिले के 427 ग्राम पंचायतों में 3532
निर्माण कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों में कच्ची नाली निर्माण,
गाद निकासी कार्य, तालाब निर्माण कार्य,
तालाब गहरीकरण, आजीविका डबरी, अमृत सरोवर सहित पशु शेड निर्माण जैसे अनेक कार्यों से ग्रामीणों को
प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। एक ओर इन कार्यों से ग्रामीणों को बड़ी मात्रा में
रोजगार मिल रहा है तो वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अंचलों में उनकी मांग अनुसार
अधोसंरचना निर्माण हो रहा है और इनके एवज में अभी तक 78 करोड़
81 लाख रुपए का मजदूरी भुगतान ग्रामीणों को उनके बैंक खाते
हस्तांतरित किया गया है।
कलेक्टर ने बताया कि जिले के सभी
ग्राम पंचायतो में मनरेगा से पर्याप्त मात्रा में कार्य पूर्व से स्वीकृत है।
ग्रामीणों की मांग पर लगातार निर्माण कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने
बताया कि जिले के सभी ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को अधिक से अधिक रोजगार मिले
इसके लिए निरंतर मैदानी कर्मचारियों की समीक्षा कर रोजगार सहायकों से निर्माण
कार्यों की जानकारी ली जा रही है। वर्तमान में कबीरधाम जिले में लक्ष्य के विरुद्ध
55 प्रतिशत से अधिक मानव दिवस का रोजगार
सृजन कर लिया गया है एवं चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक कबीरधाम जिला संभवतः
सर्वाधिक रोजगार देने वाले जिले में शामिल होगा।
योजना के क्रियान्वयन पर जानकारी
देते हुए प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री विनय कुमार पोयाम ने
बताया कि 3347 ग्रामीण परिवारों को 100
दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। रोजगार देने का सिलसिला
निरंतर जारी है और इसके साथ ही समय पर मजदूरी भुगतान भी किया जा रहा है। आजीविका
संर्वधन की गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए
आजीविका डबरी एवं पशु आश्रय शेड़ का निर्माण हो रहा है साथ मे जल संरक्षण के कार्य
को भी प्राथमिकता से किया जा रहा है।
मनरेगा के विभिन्न आयाम
में कबीरधाम जिला राज्य में प्रथम
-सर्वाधिक दिव्यांगों को
रोजगार-जिले में योजना अंतर्गत 1994 दिव्यांगों को रोजगार
प्रदाय किया गया है जो प्रदेश में सर्वाधिक है।
- सर्वाधिक महिलाओं को रोजगार-जिले में 100597 पंजीकृत महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है जो कि प्रदेश में सर्वाधिक
है।
- सर्वाधिक पंजीकृत परिवारों को रोजगार- जिले में 101405 पंजीकृत परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है जो कि प्रदेश में सर्वाधिक
है।
- मानव दिवस रोजगार में अग्रणी-जिले में 35 लाख
60 मानव दिवस का रोजगार ग्रामीणों को दिया गया है जो कि
प्रदेश में दूसरे स्थान पर है।
-प्रतिदिन ग्रामीणों को रोजगार- प्रतिदिन ग्रामीणों को रोजगार
प्रदान करने के मामले में भी कबीरधाम जिला प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर बना
हुआ है। यहां औसतन 32000 से अधिक मजदूरों को प्रतिदिन रोजगार
मिल रहा है।